शारदा मंदिर किला में विष्णु प्रसाद मिश्रा महापात्र को शारदा माँ की शक्ति आता था, तब दिनांक क्वार सुदी 11 तारीख 13 जनवरी 1973 को शारदा माँ के स्थान में बैठा ( उस समय शारदा माँ की मूर्ति स्थापित नहीं थी)।
तब ग्रामवासी सलाह होकर चंद वसूली था चंदैनी गोंदा नाच के टिकट से मंदिर निर्माण हेतु रुपए इकट्ठा किये।
मंदिर निर्माण शुरू हुआ तब झामिन बाई पति छन्नूलाल गुप्ता को देवी की शक्ति आती थी, तो वे लोग माँ शारदा की मूर्ति जयपुर से खरीद कर लाए।
संवत 2036 में प्राणप्रतिष्ठा माघ बसंत पंचमी दिनांक 25/01/1996 को आचार्य पंडित राम रतन त्रिपाठी लोरमी द्वारा किया गया।
शिवमंदिर- शारदा मंदिर के पूर्व में शिव मंदिर समाज द्वारा निर्माण कराया, सन 1992 में।
शनि देव का चबूतरा- शारदा मंदिर के उत्तर में शनि देव का चबूतरा है जिसको ईश्वर चंद पिता अमोलक चंद जैन जी द्वारा सन 2007 में निर्माण कराया गया।
मंदिर के पास में सन 2015 में वाटिका बनाया गया है।
भैरव बाबा - गांव के उत्तर में भाठा में राजा के समय की मूर्ति क्षतिग्रस्त हो जाने से विष्णु प्रसाद मिश्रा महापात्र जी द्वारा मूर्ति लाया गया है। दोनों नवरात्रि के समय ग्रामवासी मनोती मनाने ज्योत जलाते हैं।