बावली में अत्यधिक पानी होने के कारण उसमें लकड़ी का डॉट लगा दिया गया है, जिससे पानी बंद हो गया है, जो आज के लिए बड़े महत्व का होता। यह ग्राम निस्तार का पूरा साधन था।
बावली का निर्माण राजा के द्वारा किया गया था, जिसकी मरम्मत अमोलक चंद जैन सरपंच के कार्यकाल में कराया गया था, बावली 16वी शताब्दी में बना था।
शिव मंदिर- बावली के पास भैयालाल दुबे द्वारा मंदिर बनवाया गया है, पैसा रामचरण कलार द्वारा दिया गया था।
चण्डी मंदिर- बावली के पास थानूराम साहू हरिहरपुर वाले ने सन 1988 में चण्डी देवी का मंदिर बनवाया है।
इसी जगह सन 1954 में विष्णु महायज्ञ हुआ था, यज्ञकर्ता कन्हैया प्रसाद मुंगेली वाले थे, चंदा कर सबके सहयोग से यह महायज्ञ संपन्न हुआ, इसमें जगन्नाथ धर बद्रीधर दीवान मुखिया थे।
इसी जगह द्रव्य मिला था, तब मंदिर बनवाए।