यहाँ पुराना मस्जिद 400- 500 साल पहले पुराना बना था, उसका मीनार और गुम्बज बहुत सुंदर तरीके से बना था।
पुराने मस्जिद को जीर्ण होने के कारण 2004 में ढहाया (शहीद करब) गया तथा 2005- 06 में पुनः निर्माण किया गया।
रतनपुर के पास डौकाबांधा, पथरिया और नवागढ़ इन तीनो स्थान के मस्जिद एक ही नमूने का एक ही मिस्त्री द्वारा बनाया गया था।
ईद और बकरीद में नमाज अदा किया जाता है और 5 वक्त का नमाज मौलाना द्वारा लोगो को पढ़ाया जाता है।
मदरसा-
पुराने मस्जिद में हाजी असद अली जी के द्वारा यहाँ के लोगो अब्दुल रहमान खाँ, रहीम खान, गुलाब खान, शुभान खान आदि मुसलमान भाइयो को उर्दू तथा अरबी का शिक्षा दिया गया था।