चांदाबन तालाब के पार में पहले इमली झाड़ के पास देवी का चबूतरा था, बाद में जिसे चंदा कर एक एवं ट्रक वाले ईटा, पत्थर, रेती, गिट्टी लाते तो, वहाँ हर ट्रिप में गिराया करते थे, मुरता वाले भी बहुत सहयोग देकर मंदिर एवं कलश ,ज्योति कक्ष एवं हनुमान मंदिर बनवाए। दोनों नवरात्री में श्रद्धालु लोग ज्योति जलाते हैं, जिसकी संख्या दिनों दिन बढ़ रही है यहाँ आने वाले की सारी मनोकामनाए पूर्ण होती है।

 
Education © 2013. All Rights Reserved. Shared by WpCoderX
Top