अंतस के पीरा
सुआ के कलगी म,
परसा के फुलगी म,
धरसा अउ खार म,
तरिया के पार म,
मोर धरती के चिनहा हे,
नरवा के धार म,
फेर हमर गोठ के,
खींचातानी म,
विचार के भिथिया,
धसकावत हे,
गोड़ चपके भोरहा म,
छ.ग. के टोटा मसकावत हे।।
 
Education © 2013. All Rights Reserved. Shared by WpCoderX
Top