मानाबंद तालाब के पास घी कुड़िया है, उसके संबंध में बताते थे कि उसमें महामाई स्नान करती थी।
राजा को जब घी की जरूरत पड़ी तो महामाई ने राजा से कहा की घी कुड़िया से जल निकाल कर घी का काम कर लो, तब से उसे घी कुड़िया कहते हैं। बताते थे कि उसमें सीढ़ी बना हुआ है, हो सकता है कि दूसरी जगह जाने के लिए सुरंग बना रहा होगा।