पुराना मस्जिद को केजियाईन बाई सन 1749 में बनवाई थी। मुसलमान सैनिक नवागढ़, पथरिया, सरगांव, रतनपुर मे डेरा डाले थे।
मराठा सरदार भास्कर पंत उड़ीसा के आक्रमण के समय चारों जगह नीव डाले थे, बाद में जगह की कमी होने से मुसलमान चंदा वसूल कर नया बड़े रूप में काम शुरु 01/06/2004 में किया जो 2006 में पूर्ण हुआ।
केजिआइन बाई बागमुड़वा की रहने वाली थी, जो निःसंतान थी, जिसकी कब्र पीछे थी।
तरबतीबाई द्वारा मस्जिद में 5 एकड़ जमीन छोइहानाला के तीर दिया गया था। उसमे चार आम झाड़ मानपुर सरहद में है।